गुरुवार, 25 अगस्त 2011

एक स्त्री के बारे में....? part 2

मैं देख रहा हूँ कि जुल्म के सारे सबूतों को मिटाया जा रहा है

चंदन चर्चित मस्तक को उठाए हुए पुरोहित और तमगों से लैस
सीना फुलाए हुए सिपाही महाराज की जय बोल रहे हैं.

वे महाराज जो मर चुके हैं
महारानियाँ जो अपने सती होने का इंतजाम कर रही हैं
और जब महारानियाँ नहीं रहेंगी तो नौकरियाँ क्या करेंगी?
इसलिए वे भी तैयारियाँ कर रही हैं.

मुझे महारानियों से ज़्यादा चिंता नौकरानियों की होती है
जिनके पति ज़िंदा हैं और रो रहे हैं

कितना ख़राब लगता है एक औरत को अपने रोते हुए पति को छोड़कर मरना
जबकि मर्दों को रोती हुई स्त्री को मारना भी बुरा नहीं लगता

औरतें रोती जाती हैं, मरद मारते जाते हैं
औरतें रोती हैं, मरद और मारते हैं
औरतें ख़ूब ज़ोर से रोती हैं
मरद इतनी जोर से मारते हैं कि वे मर जाती हैं

इतिहास में वह पहली औरत कौन थी जिसे सबसे पहले जलाया गया?
मैं नहीं जानता
लेकिन जो भी रही हो मेरी माँ रही होगी,
मेरी चिंता यह है कि भविष्य में वह आखिरी स्त्री कौन होगी
जिसे सबसे अंत में जलाया जाएगा?
मैं नहीं जानता
लेकिन जो भी होगी मेरी बेटी होगी
और यह मैं नहीं होने दूँगा.

11 टिप्‍पणियां:

vidhya ने कहा…

आप का बलाँग मूझे पढ कर आच्चछा लगा , मैं बी एक बलाँग खोली हू
लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/

दिगम्बर नासवा ने कहा…

एक और बहुत प्रभाई रचना ... स्त्री की ऐसी दशा के लिए ये पुरुष समाज ही दोषी है ... और आज भी स्त्री इसकी शिकार है ...

एक स्वतन्त्र नागरिक ने कहा…

"यह मैं नहीं होने दूंगा." सही तेवर.
यदि मीडिया और ब्लॉग जगत में अन्ना हजारे के समाचारों की एकरसता से ऊब गए हों तो मन को झकझोरने वाले मौलिक, विचारोत्तेजक हेतु पढ़ें आलेख
अन्ना हजारे के बहाने ...... आत्म मंथन http://sachin-why-bharat-ratna.blogspot.com/2011/08/blog-post_24.html

amrendra "amar" ने कहा…

औरतें रोती जाती हैं, मरद मारते जाते हैं
औरतें रोती हैं, मरद और मारते हैं
औरतें ख़ूब ज़ोर से रोती हैं
मरद इतनी जोर से मारते हैं कि वे मर जाती हैं

Marmik prastuti ke liye badhai

upendra shukla ने कहा…

बहुत अच्छा ब्लॉग

Ravi Rajbhar ने कहा…

Bahut achcha likhate hain ap!!
aage bhi aise hi padhne ko milega isi ummid se apka blogg ka anusharn kar raha hun.

Abhar.

G.N.SHAW ने कहा…

निंदनीय और सोंचनीय - ज़माने को कब सुध आयेगी ! बहुत करारी चोट इस ज़माने पर !

Rajnish tripathi ने कहा…

बहुत खूब दोस्त लिखा आप की कलम में गज़ब का तेज है यह लेख पढ़ कर मज़ा आ गया

Mirchiya Manch ने कहा…

बहुत सुन्दर

Babli ने कहा…

बहुत बढ़िया लिखा है आपने! शानदार प्रस्तुती!
आपको एवं आपके परिवार को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनायें!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

ZEAL ने कहा…

nicely written.