रविवार, 28 नवंबर 2010

यादें "हिन्दी" कविता की दुनियाँ: मेरी कविताओं का संग्रह

यादें "हिन्दी" कविता की दुनियाँ: मेरी कविताओं का संग्रह: "इस ब्लॉग के जरिये में अपने दोस्तों को ये बताना चाहता हु की यहाँ पे में कविताओ का sangarh हिन्दी, उर्दू और हिन्दी में अनूदित काव्य के इस विशा..."

3 टिप्‍पणियां:

Lopamudra Bandyopadhyay ने कहा…

Thank you so much for the invitation. I can now read your creations at leisure :) Jai Shri Krishna.

DINESH ने कहा…

यूं तो गुज़र रहा है हर एक पल ख़ुशी के साथ
फिर भी कोई कमी सी है कयु ज़िन्दगी के साथ
रिश्ते वफ़ा दोस्ती सब कुछ तो पास है
कया बात है पता नहीं दिल कयु उदास है
हर लम्हा है नमी हसीं दिलकशी के साथ
फिर भी कोई कमी सी है कयु ज़िन्दगी के साथ
चाहत भी है सुकून भी है दिलबरी भी है
आँखों में खवाब भी है लबो पे हंसी भी है
दिल को नहीं है कोई शिकायत किसी के साथ
फिर भी कोई कमी सी है कयु ज़िन्दगी के साथ
सोचा था जेसा वेसा ही जीवन तो है मगर
अब और किस तलाश मैं बेचेन है नज़र
कुदरत तो मेहरबान है दरियादिली के साथ
फिर भी कोई कमी सी है कयु ज़िन्दगी के साथ...


मै कौन हूँ...??
इस अजनबी सी दुनिया में, अकेला इक ख्वाब हूँ.
सवालों से खफ़ा, चोट सा जवाब हूँ.
जो ना समझ सके, उनके लिये "कौन".
जो समझ चुके, उनके लिये किताब हूँ.
दुनिया कि नज़रों में, जाने क्युं चुभा सा.
जिसको न देखा उसने, वो चमकता आफ़ताब हूँ.
आँखों से देखोगे, तो खुश मुझे पाओगे.
दिल से पूछोगे, तो दर्द का सैलाब हूँ.

बेनामी ने कहा…

Beautifully written blog post. Delighted Im able to discover a webpage with some insight plus a very good way of writing. You keep publishing and im going to continue to keep reading.