रविवार, 15 मई 2011

अमेरिका का दोगलापन,कहा 9/11 और 26/11 में कोई तुलना नहीं

9/11 and 26/11 attackओसामा बिन लादेन के मौत के बाद कई राज बेपर्दे हो गये। पाकिस्‍तान द्वारा आतंकवा‍दियों को शरण देने बात सामने आ गई तो अमेरिका ने यह साबित कर दिया कि वह अपने दुश्‍मनों से बदला लेने में कभी पीछे नहीं हटता। मगर इन सब बातों के बाद भी एक बात और समाने आ गई है और वह है अमेरिका का दोगलापन और दोहरा चरित्र। अमेरिका ने पाकिस्‍तान के अंदर घुसकर इकतरफा और मनमर्जी कार्रवाई करते हुए 9/11 को अपने देश पर हुए हमले का बदला ले लिया। अगर ऐसी ही कार्रवाई 26/11 के दोषियों के लिये भारत करता है तो अमेरिका उसका साथ नहीं देगा।
यह बात सिर्फ दिमागी उपज नहीं है बल्कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने खुद स्‍वीकार किया है। उनसे पूछा गया कि क्या भारत या दूसरे देश ऐसी कोई कार्रवाई करें तो अमेरिका उनका समर्थन करेगा ? विदेश मंत्रालय प्रवक्ता मार्क टोन ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। इस प्रकार के सवालों के मद्देनजर ही अमेरिका अपने देश पर हुए 9/11 हमले और मुंबई पर हुए 26/11 हमले के बीच कोई भी समानता बताने से बच रहा है।

सोमवार, 9 मई 2011

एफबीआई की नई सूची के मुताबिक ये हैं दुनिया के बड़े आतंकवादी

एडम
याहिए गदाहन:
उम्र 32 साल, ओरेगन में जन्‍मा और कैलिफोर्निया में पला-बढ़ा। 17
साल की उम्र में इस्‍लाम धर्म कबूल किया। गदाहन पर देशद्रोह और अल कायदा के नेटवर्क
को साजो सामान मुहैया कराने के आरोप। अल कायदा के लिए कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम
देने के आरोप। गिरफ्तारी पर 10 लाख डॉलर का ईनाम।

डेनियल एंड्रियस सैन
डिएगो:
उम्र 33 साल, अमेरिकी नागरिक और कम्‍प्‍यूटर नेटवर्क संचालित करने में
माहिर। सैन डिएगो पर 2003 में सैन फ्रांसिस्‍को में दो इमारतों में बम धमाके का
आरोप। एफबीआई के मुताबिक डिएगो ने जानवरों के अधिकार के लिए लड़ रहे अतिवादी
संगठनों से जुड़ाव। गिरफ्तारी पर ढाई लाख डॉलर का ईनाम।

अयमान अल
जवाहिरी
:
उम्र 59 साल। मिस्र मूल के नागरिक अल जवाहिरी पर तंजानिया और के‍न्‍या
में अमेरिकी दूतावासों में 7 अगस्‍त 1998 को हुए बम धमाकों की साजिश का आरोप है।
पेशे से डॉक्‍टर अल जवाहिरी इजीप्टियन इस्‍लामिक जिहाद का संस्‍थापक है और अब यह अल
कायदा से जुड़ा है। अल जवाहिरी को अल कायदा का ऑपरेशनल कमांडर माना जाता है और अब
बिन लादेन की मौत के बाद इसे ही अल कायदा का सर्वेसर्वा माना जा रहा है। अमेरिकी
सरकार ने इसकी गिरफ्तारी पर ढाई करोड़ डॉलर का ईनाम रखा है।

फहद मोहम्‍मद
अहमद अल कुसो:
उम्र 36 साल, यमन का ना‍गरिक अल कुसो 12 अक्‍टूबर 2000 को अदन
में अमेरिकी नौसेना के पोत यूएसएस कोल पर विस्‍फोट मामले का आरोपी है जिसमें 17
अमेरिकी नाविकों की मौत हो गई थी। इसकी गिरफ्तारी पर 50 लाख डॉलर का ईनाम
है।

जमीन अहमद मोहम्‍मद अली अल बदावी: उम्र-50 के करीब, अल बदावी पर
भी 12 अक्‍टूबर 2000 को अमेरिकी पोत पर हुए धमाकों का आरोप है। अल बदावी को यमन के
अधिकारियों ने उस वक्‍त पकड़ लिया था जब वह अप्रैल 2003 से जेल से भाग रहा था। उसे
मार्च 2004 में फिर से पकड़ा गया लेकिन 3 फरवरी 2006 को फिर से भाग निकला। उसकी
गिरफ्तारी पर 50 लाख डॉलर का ईनाम है।

मोहम्‍मद अली हमीदी: उम्र 46 साल, हिजबुल्‍ला का सदस्‍य। विमान अपहरण और
अमेरिकी नौसैनिक की हत्‍या के आरोप। ईनाम 50 लाख डॉलर।

अली अतवा: उम्र 50 साल, यह भी हिजबुल्‍ला से जुड़ा। अली अतवा पर भी हमीदी
जैसे आरोप। ईनाम 50 लाख डॉलर।

हसन इज्‍ज-अल-दीन: उम्र 47 साल, हसन भी हिजबुल्‍ला का सदस्‍य और इस पर भी
हमीदी और अल अतवा के साथ आरोपी। ईनाम 50 लाख डॉलर।

अब्‍दुल्‍ला अहमद अब्‍दुल्‍ला: उम्र 47 साल, मिस्र मूल के अब्‍दुल्‍ला पर
तंजानिया और केन्‍या में अमेरिकी दूतावासों पर हुए बम धमाके के आरोप। ईनाम 50 लाख
डॉलर।


रविवार, 8 मई 2011

लादेन को दफनाने की जगह का नाम किया 'शहीद' सागर

ओसामा बिन लादेन को उत्तरी अरब सागर में जिस स्थान पर दफनाया गया है, उसे कट्टरपंथियों ने ‘शहीद सागर’ नाम दे दिया है। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के मुस्लिम धर्मगुरु अब्दल हकीम मुराद ने कहा कि अमेरिका की सुपुर्द-ए-आब (समुद्र में दफनाने) की नीति से वह खुद ही विवादों में फंस गया है।

रेडियो 4 के एक कार्यक्रम में मुराद ने कहा कि स्मारक बनने से बचाने के लिए लादेन को समुद्र में दफनाया गया, लेकिन अब कट्टरपंथियों ने उसे ही शहीद सागर नाम दे दिया है। अमेरिका उन्हें नहीं रोक सकता। दूसरी ओर, जमात-ए-इस्लामी से जुड़े वकीलों ने गुरुवार को पेशावर उच्च न्यायालय में अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के लिए ‘नमाज-ए-जनाजा’ पढ़ा।

‘इस्लामिक लॉयर्स मूवमेंट’ ने उच्च न्यायालय की लॉन में गुलाम नबी की अगुवाई में ‘गायबाना नमाज-ए-जनाजा’ पढ़ा। जमात-ए-इस्लामी से जुड़े करीब 120 वकीलों ने इसमें भाग लिया। इस दौरान वकीलों ने ‘अमेरिका के लिए मौत’ और ‘ओसामा जिंदाबाद’ जैसे नारे भी लगाए। नमाज-ए-जनाजा के बाद लादेन के लिए फातेहा भी पढ़ा गया।


शनिवार, 7 मई 2011

घाटी में लादेन के लिए हुई जुम्मे की नमाज

घाटी में लादेन के लिए हुई जुम्मे की नमाज


श्रीनगर । घाटी के अलगाववादियों ने मारे गए आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन के प्रति अपनी मंशा साफ कर दी है। शांति की वकालत करने वाले हुर्रियत नेता सईद अली शाह गिलानी ने जुम्मे की नमाज के दिन लादेन के विचारों का खुलकर समर्थन किया।


बाकायदा, हुर्रियत नेता ने बाटमालू स्थित श्राइन में लोगों के साथ लादेन की आत्मा

की शांति के लिए दुआ भी मांगी। उधर, घाटी के दूसरे जिलों में भी ऐसी प्रार्थनाएं सभाएं दर्ज हुई हैं।

इस मौके पर हुर्रियत नेता सईद अली शाह गिलानी ने कहा कि अमेरिका ने ओसामा

बिन लादेन के शव को समुद्र में दफना कर मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं से

खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की इस कार्रवाई से विश्वभर के मुसलिम

समुदाय में गहरी निराशा है।

मंगलवार, 3 मई 2011

जवान बीवी के साथ शानोशौकत से रह रहा था लादेन

दुनिया भर में आतंकवादी गतिविधियां चला रहे ओसामा बिन लादेन के बारे में समझा जाता था कि वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के दुर्गम पहाडी़ इलाकों में छिप कर अपनी कार्रवाईयों को अंजाम दे रहा है। लेकिन वह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के निकट एबटाबाद में पिछले कई सालों से जवान और खूबसूरत बीवी के साथ शाही शानोशौकत के साथ एक बडी़ हवेली में रह रहा था।

ओसामा जिस शानदार हवेली में रह रहा था वह तीन मंजिल की थी और उसकी सुरक्षा के कडे प्रबंध भी किए गए थे। पाकिस्तान के शासन तंत्र की नाक के ठीक नीचे बनी ओसामा की यह हवेली इस्लामाबाद से उत्तर में केवल साठ किलोमीटर की दूरी पर बनी थी। इस इलाके में पाकिस्तान के रसूखदार लोग रहते हैं इनमें से अधिकतर लोग सेना के रिटायर अफसर हैं।

ओसामा की यह हवेली अपने आसपास के मकानों से करीब आठ गुणी ज्यादा बडी़ है और कहीं ज्यादा बडे़ प्लाट पर बनी थी। वर्ष 2005 में जब इस शाही महलनुमा हवेली को बनाया गया था तो उस वक्त इसके आसपास कोई और मकान नहीं था लेकिन पिछले छह सालों में इसके आसपास कई और मकान बन गए। इसके चारों तरफ 12 से 18 फीट ऊंची दीवार खडी़ की गई थी और फिर उसके ऊपर तारों की बाड़ लगा दी गई थी।

इस हवेली में खिड़कियां बेहद कम थीं जिसका मकसद यह था कि वहां रहने वालों का बाहरी दुनिया से संपर्क कम से कम रहे और अडोस-पडोस वालों को यहां रहने वालों को बारे में भनक भी न लगे। इस इमारत में लादेन के अतिविश्वास पात्र लोग ही आ जा सकते थे।

दस लाख डॉलर मूल्य वाली और दो बडे़ दरवाजों की इस इमारत में सुरक्षा के इंतजाम इतने कडे़ थे कि वहां इकठ्ठा होने वाला कूडा़ तक बाहर नहीं जाता था और उसे हवेली के भीतर ही जला दिया जाता था। इसका मकसद यह था कि इमारत से एक सुई तक भी बाहर नहीं जाने दी जाए और किसी भी प्रकार का कोई सुबूत फिजां तक में न पहुंचे। इस इमारत में कोई फोन कनेक्शन या इंटरनेट कनेक्शन तक नहीं पाया गया।


जवाहिरी संभाल सकता है अलकायदा की कमान

जवाहिरी संभाल सकता है अलकायदा की कमान


आतंकवादी संगठन अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के अमेरिकी हमले में मारे जाने के बाद अब अलकायदा के नंबर दो सरगना अयमान अल जवाहिरी के संगठन की कमान संभालने के कयास लगाए जा रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लादेन के मारे जाने की तो घोषणा कर दी है, लेकिन जवाहिरी की स्थिति को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। जवाहिरी और लादेन 2001 में अफगानिस्तान पर हुए अमेरिकी हमले के बाद वहां से ही छिपते फिर रहे थे।

लादेन की तरह जवाहिरी के भी पाकिस्तान-अफगानिस्तान के सीमांत पहाडी़ इलाके में छिपे होने के कयास लगाए जाते रहे हैं। ये दोनों आखिरी बार वर्ष 2003 में 'अल जजीरा' टेलीवीजन चैनल द्वारा प्रसारित किए गए अलकायदा की एक वीडियो फुटेज में साथ-साथ दिखे थे।

पेशे से डॉक्टर जवाहिरी का जन्म मिस्र की राजधानी काहिरा के एक उच्च वर्गीय परिवार में 1951 में हुआ था। जवाहिरी ने 1974 में शल्य चिकित्सा में अपनी डिग्री पूरी की और उसके बाद इस्लामिक राजनीतिक संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड में शामिल हो गया। यह संगठन अरब जगत के बहुत से देशों में सक्रिय है और लोकतांत्रिक तरीकों एवं अहिंसा में विश्वास रखता है।

लेकिन जवाहिरी अधिक दिनों तक नहीं टिका यहां संगठन के अहिंसक तौर तरीके उसे रास नहीं आए और वह मिस्र के 'इस्लामिक जेहाद' संगठन में भी सक्रिय हो गया। इसी संगठन के सदस्यों ने मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति अनवर सदात की हत्या की थी और उस मामले में गिरफ्तार किए गए 301 लोगों में जवाहिरी का भी नाम था।

पाकिस्तान के पेशावर शहर में 80 के दशक में जवाहिरी की मुलाकात लादेन से उस वक्त हुई जब सोवियत सेना अफगानिस्तान में इस्लामी मुजाहिद्दीन लडा़कों के सफाए में जुटी हुई थी। जवाहिरी इसके बाद लादेन के विचारों से इतना प्रभावित हुआ कि दोनों इसके बाद दुनिया पर इस्लामी राज कायम करने के मकसद से साथ हो गए।

जवाहिरी समय-समय पर अलकायदा की तरफ से वीडियो टेप जारी करता रहता है। इन वीडियो संदेशों में अक्सर उसके निशाने पर अमेरिका रहा है और उसने अमेरिका समेत सभी पश्चिमी मुल्कों में हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों की इन संदेशों में तारीफों के पुल बांधे हैं।

ओबामा के अमेरिका का राष्ट्रपति बन जाने के बाद जवाहिरी ने 2008 में एक टेप जारी करके ओबामा को 'गोरे आकाओं का पिट्ठू'-'हाउस नीग्रो' कहा था इस शब्द का इस्तेमाल अक्सर उन अश्वेत अमेरिकी गुलामों के लिए किया जाता था जो गोरों के प्रति वफादार होते थे। इसके एक वर्ष बाद 2009 में जारी एक अन्य टेप में जवाहिरी ने कहा था कि ओबामा और जार्ज डब्ल्यू बुश में कोई खास अंतर नही है।

सोमवार, 2 मई 2011

मारा गया ओसामा बिन लादेन


10मार्च 1957 को रियाध, सउदी अरब में एक धनी परिवार में जन्मे ओसामा बिन लादेन, अल कायदा नामक आतंकी संगठन के प्रमुख थे. यह संगठन 9 सितंबर 2001 को अमरीका के न्यूयार्क शहर के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के साथ विश्व के कई देशों में आतंक फैलाने और आतंकी गतिविधियां संचालित करने का दोषी है.


रविवार डॉट कॉम के अनुसारसऊदी अरब में एक यमन परिवार में पैदा हुए ओसामा बिन लादेन ने अफगानिस्तान पर सोवियत हमले के ख़िलाफ़ लड़ाई में हिस्सा लेने के लिए 1979 में सऊदी अरब छोड़ दिया. अफगानी जेहाद को जहाँ एक ओर अमरीकी डॉलरों की ताक़त हासिल थी वहीं दूसरी ओर सऊदी अरब और पाकिस्तान की सरकारों का समर्थन था. मध्य पूर्वी मामलों के विश्लेषक हाज़िर तैमूरियन के अनुसार ओसामा बिन लादेन को ट्रेनिंग सीआईए ने ही दी थी.


अफ़ग़ानिस्तान में उन्होंने मक्तब-अल-ख़िदमत की स्थापना की जिसमें दुनिया भर से लोगों की भर्ती की गई और सोवियत फ़ौजों से लड़ने के लिए उपकरणों का आयात किया गया.

अमरीकी सैनिकों द्वारा पाकिस्तान में उनके मारे जाने के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को याद करते हुये कहा कि जैसा बुश ने कहा था हमारी जंग इस्लाम के खिलाफ नहीं है. लादेन को पाकिस्तान में इस्लामाबाद के एक कंपाउंड में मारा गया. एक हफ्ते पहले हमारे पास लादेन के बारे में पुख्ता जानकारियां मिल गई थीं. उसने बाद ही कंपाउंड को घेरकर एक छोटे ऑपरेशन में लादेन को मार गिराया गया.

बराक ओबामा ने कहा कि लादेन ने पाक के खिलाफ भी जंग छेड़ी थी. हमारे अधिकारियों ने वहां के अधिकारियों से बात कि और वह भी इसे एक ऐतिहासिक दिन मान रहे हैं. यह 10 साल की शहादत की उपलबधि है. हमने कभी भी सुरक्षा से समझौता नहीं किया. अल कायदा से पीड़ित लोगों से मैं कहूंगा कि न्याय मिल चुका है.

9/11 के हादसे को याद करते हुये बराक ओबामा ने कहा कि इस घटना में जिन लोगों ने अपनों को खोया है, हम उनके नुकसान को नहीं भूले हैं. आज रात एक बार फिर एकजुट हो जाएं. अमरीका जो ठान ले वह कर सकता है. पैसे और ताकत से नहीं बल्कि एकजुटता ही हमारी शक्ति है.

DNA टेस्ट से हुई लादेन के शव की पुष्टि

पाकिस्तान में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के अभियान में मारे गए अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के पहचान की विधिवत पुष्टि के लिए अमेरिका ने उसका डीएनए परीक्षण कराया है।

अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मारे गए व्यक्ति के लादेन ही होने की पुष्टि के लिए डीएनए नमूने लिए गए हैं, लेकिन इसके नतीजे के लिए अभी कुछ दिन इंतजार करना होगा। इसके अलावा लादेन के बारे में किसी भी तरह के शक के खात्मे के लिए चेहरे का मिलान करने वाली अत्याधुनिक फेशियल रिकाग्निशन तकनीक का भी सहारा लिया गया है।

पाकिस्तान ने एबटाबाद के अभियान से पल्ला झाडा़

पाकिस्तान सोमवार को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए चलाए गए विशेष अमेरिकी बलों के अभियान से पल्ला झाड़ता दिखा। प्रशासन ने यह कहते हुए इससे खुद को अलग कर लिया कि एबटाबाद का अभियान अमेरिकी खुफिया विभाग द्वारा संचालित अभियान था।

लेकिन एक सरकारी बयान में कहा गया है कि लादेन की मौत दुनियाभर में आतंकवादी संगठनों के लिए एक बड़ा सदमा है। विदेश विभाग की प्रवक्ता तहमीना जांजुआ ने कहा कि खुफिया बलों द्वारा संचालित अभियान में लादेन सोमवार तड़के एबटाबाद में मारा गया।

उन्होंने कहा कि यह अभियान अमेरिकी बलों द्वारा अमेरिका की घोषित नीति के अनुसार चलाया गया जो कहती है कि दुनिया में जहां कहीं भी वह पाया गया, अमेरिकी बल उसे सीधी कार्रवाई में मार गिराएंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा लादेन के मारे जाने की अपने टेलीविजन संबोधन में घोषणा किए जाने के कुछ घंटे बाद जांजुआ ने कहा कि अलकायदा प्रमुख की मौत आतंकवाद के खात्मे के प्रति पाकिस्तान सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह दुनियाभर में आतंकवादी संगठनों को एक करारा झटका है।

जांजुआ ने कहा कि यह पाकिस्तान की घोषित नीति है कि वह किसी भी देश के खिलाफ आतंकवादी हमलों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल नहीं करने देगा। पाकिस्तान का राजनीतिक नेतृत्व, संसद, सरकारी प्रतिष्ठान तथा पूरा राष्ट्र आतंकवाद को समाप्त करने की अपने संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है।

जांजुआ ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को अमेरिकी सफल अभियान के बारे में फोन कर जानकारी दी जिसकी परिणति लादेन की मौत के रूप में हुई। प्रवक्ता ने इस बात को स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अमेरिका समेत कई खुफिया एजेंसियों के साथ बेहद प्रभावी खुफिया सूचना साझेदारी प्रबंधन रहा है और वह आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को समर्थन देना जारी रखेगा।

जांजुआ ने कहा कि अल कायदा ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा था। अलकायदा समर्थित सैंकड़ों आतंकवादी हमलों के करण हजारों निर्दोष पाकिस्तानी पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए। पिछले कई सालों में आतंकवादी हमलों में करीब 30 हजार पाकिस्तानी नागरिक मारे जा चुके हैं।

अल कायदा तथा अन्य आतंकवादी समूहों के खिलाफ अभियान में पांच हजार से अधिक

पाकिस्तानी सुरक्षा तथा सशस्त्र बलों के अधिकारी मारे गए हैं।

ओसामा की दो बीवियां तथा चार बच्चे हिरासत में
हालांकि अभी यह नहीं पता चला है कि वे इस समय किसकी हिरासत में हैं। अमेरिकी नौसेना के अभियान की परिणति सोमवार को पाकिस्तान के एबटाबाद में लादेन, उसके एक बेटे, दो संदिग्ध संदेश वाहकों तथा एक महिला के मारे जाने के रूप में हुई, जिन्हें वह शील्ड के रूप में इस्तेमाल करता था।

अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के अमेरिकी अभियान में मारे जाने के बाद उसकी दो पत्नियोंतथा चार बच्चों को हिरासत में ले लिया गया है।

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स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि दो महिलाओं तथा चार बच्चों को परिसर से बाहर ले जाया गया है। उन्हें लादेन की पत्नी तथा बच्चे बताया जा रहा है।

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कैसे हुआ ओसामा के छिपे होने का शक

अल कायदा सरगना तथा अमेरिका में 9/11 आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मारा गया। वह पाकिस्तान के एबोटाबाद की एक हवेली में पिछले 5 साल से रह रहा था।

पिछले पांच साल में पाकिस्तान तथा अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसके पीछे ओसामा का शातिर दिमाग ही था। उसने अपनी इस हवेली में न तो टेलीफोन कनेक्शन लिया था, और न ही इंटरनेट तथा कोई अन्य इलेक्ट्रोनिक साजो-समान। यहां तक कि इस बड़ी हवेली में बिजली का कनेक्शन भी नहीं था।

वह बाहर की दुनिया से मात्र कूरियर के जरिए संपर्क करता था। इसी के जरिए वह अपने संगठन के अन्य लोगों के साथ संचार का आदान-प्रदान करता था। घर के कचरे को भी फेंका नहीं जाता था, बल्कि घर में ही उसे जला दिया जाता था।

लेकिन ओसामा की इसी चालाकी ने खुफिया एजेंसियों को शक करने पर मजबूर कर दिया। पाकिस्तान के बेहद खूबसूरत जगह एबोटाबाद के पॉश इलाके में रहने के बावजूद हवेली में आधुनिक साजो-समान का न होना ही शक का अहम कारण बना। उसके सूचना पहुंचाने वाले व्यक्ति का पीछा करते हुए ही लादेन तक पहुंचा जा सका। उस सूचना पहुंचाने वाले व्यक्ति की जानकारी 9/11 आतंकी हमले के बाद पकड़े गए एक आतंकवादी ने अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को दी थी।

एक खुफिया अधिकारी ने बताया कि उस हवेली पर हमारी नजर बहुत पहले से थी और हमें यह यकीन था कि उसमें कोई बड़ा आतंकवादी रह रहा है, लेकिन लादेन के होने की सूचना बाद में जाकर पक्की हो पाई।

यह हवेली 2005 में बनाई गई थी। जिस वक्त यह हवेली बनी थी, उस वक्त यह एक कच्ची सड़क के अंत में पड़ती थी। लेकिन बाद में जाकर पिछले 6 सालों मे इसके आस-पास कई घर बन गए। इस इलाके में पाकिस्तान के रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों के काफी मकान हैं।

खुफिया एजेंसियों के मन में कई सवाल उठेः-
- आखिर ऐसे पॉश इलाके में बिना बिजली के कोई हवेली में कैसे रह सकता है?
- हवेली में टेलीफोन तथा इंटरनेट जैसे इलैक्ट्रोनिक गैजेट्स क्यों नहीं रखा गया है?
- आखिर आधुनिकता से दूर अलग-थलग इस हवेली में कौन रह रहा है?
- कोई घर से बाहर क्यों नहीं निकलता है, यहां तक कि हवेली से कोई कचरा भी नहीं निकाला जाता है?

इन्हीं सब सवालों को ध्यान में रखते हुए, जब खुफिया एजेंसियों ने अपना जाल बिछाया तो उन्हें यह पता लगने में देर नहीं लगी कि इस हवेली में कोई और नहीं बल्कि दुनिया का आतंकवादी नंबर-1 ओसामा बिन लादेन अपने परिवार के साथ रह रहा है।

खुफिया जानकारी की पुष्टि होते ही अधिकारियों ने प्रेसिडेंट ओबामा से कार्रवाई की आज्ञा मांगी और ओबामा ने भी बिना देर लगाए, कार्रवाई को हरी झंडी दे दी। अमेरिकी कमांडो की एक छोटी सी टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गोली मार दी।

इस हमले में ओसामा का बड़ा बेटा भी मारा गया। इसके साथ ही उसकी दो बीवियों तथा 6 बच्चों को गिरफ्तार कर लिया।





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मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

आपबीती को मैं जगबीती बनाता हूँ


आपबीती को मैं जगबीती बनाता हूँ

न मैं कंघी बनाता हूँ न मैं चोटी बनाता हूँ
ग़ज़ल में आपबीती को मैं जगबीती बनाता हूँ
ग़ज़ल वह सिन्फ़-ए-नाज़ुक़ है जिसे अपनी रफ़ाक़त से
वो महबूबा बना लेता है मैं बेटी बनाता हूँ
हुकूमत का हर एक इनआम है बंदूकसाज़ी पर
मुझे कैसे मिलेगा मैं तो बैसाखी बनाता हूँ
मेरे आँगन की कलियों को तमन्ना शाहज़ादों की
मगर मेरी मुसीबत है कि मैं बीड़ी बनाता हूँ
सज़ा कितनी बड़ी है गाँव से बाहर निकलने की
मैं मिट्टी गूँधता था अब डबल रोटी बनाता हूँ
वज़ारत चंद घंटों की महल मीनार से ऊँचा
मैं औरंगज़ेब हूँ अपने लिए खिचड़ी बनाता हूँ
बस इतनी इल्तिजा है तुम इसे गुजरात मत करना
तुम्हें इस मुल्क का मालिक मैं जीते-जी बनाता हूँ
मुझे इस शहर की सब लड़कियाँ आदाब करती हैं
मैं बच्चों की कलाई के लिए राखी बनाता हूँ
तुझे ऐ ज़िन्दगी अब क़ैदख़ाने से गुज़रना है
तुझे मैँ इस लिए दुख-दर्द का आदी बनाता हूँ
मैं अपने गाँव का मुखिया भी हूँ बच्चों का क़ातिल भी
जलाकर दूध कुछ लोगों की ख़ातिर घी बनाता हूँ
दिनेश पारीक 
दुस्र्भाश नो. ९५८२५९८२४४ 

बुधवार, 20 अप्रैल 2011

जनवरी लोकपाल विधेयक मौजूदा भ्रष्टाचार निरोधक प्रणाली में सुधार होगा.


जनवरी लोकपाल विधेयक मौजूदा भ्रष्टाचार निरोधक प्रणाली में सुधार होगा.नागरिक समाज द्वारा प्रस्तावित प्रणाली सिस्टम मौजूदाकोई राजनेता या वरिष्ठ अधिकारी कभी बड़ा सबूत फैले भ्रष्टाचार (एसीबी) शाखा और सीबीआई क्योंकि सीधे सरकार के तहत आने के बावजूद जेल में जाता है. जांच शुरू करने या किसी भी मामले में अभियोजन की शुरुआत से पहले, वे एक ही मालिक से अनुमति लेना है, जिनके खिलाफ मामले में जांच की जानी है. और राज्य स्तर पर केंद्र लोकायुक्त पर लोकपाल स्वतंत्र निकायों किया जाएगा. एसीबी और सीबीआई इन निकायों में विलय हो जाएगा. वे किसी की अनुमति की जरूरत के बिना किसी भी अधिकारी या राजनेता के खिलाफ अभियोजन और जांच आरंभ शक्ति होगा. जांच और परीक्षण 1 वर्ष के भीतर पूरा किया जाना चाहिए करने के लिए अगले 1 साल में खत्म हो. दो साल के भीतर, भ्रष्ट जेल में जाना चाहिए.कोई भ्रष्ट अधिकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया है, क्योंकि केंद्रीय सतर्कता आयोग, जो भ्रष्ट अधिकारियों को खारिज माना जाता है केवल एक सलाहकार निकाय है. जब भी यह सरकार किसी भी वरिष्ठ अधिकारी भ्रष्ट खारिज करने के लिए सलाह देते हैं, इसकी सलाह कभी नहीं लागू किया जाता है. लोकपाल और लोकायुक्त को पूरा करने के एक भ्रष्ट अधिकारी की बर्खास्तगी के आदेश शक्तियों होगा. सीवीसी और सभी विभागीय सतर्कता लोकपाल में विलय हो जाएगा और राज्य सतर्कता लोकायुक्त में विलय हो जाएगा.कोई कार्रवाई नहीं की भ्रष्ट न्यायाधीशों के खिलाफ ली गई है, क्योंकि अनुमति भारत के मुख्य न्यायाधीश से आवश्यक है के लिए भी भ्रष्ट न्यायाधीशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज. लोकपाल और लोकायुक्त जांच करने के लिए और किसी की अनुमति की जरूरत के बिना किसी भी जज पर मुकदमा चलाने के अधिकार होगा.कहीं जाने के लिए - लोग भ्रष्टाचार का पर्दाफाश लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की उनकी शिकायतों पर लिया जाता है. लोकपाल और लोकायुक्त की जांच करने के लिए और हर शिकायत सुनना होगा.वहाँ सीबीआई और सतर्कता विभाग के भीतर इतना भ्रष्टाचार है. उनके कामकाज इतना रहस्य नहीं है कि वह इन एजेंसियों के भीतर भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित करती है. लोकपाल और लोकायुक्त में सभी जांच पारदर्शी होगा.जांच पूरी होने के बाद सभी मामले रिकॉर्ड जनता के लिए खुला होगा.लोकपाल और लोकायुक्त के किसी भी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत और पूछताछ की जाएगी सजा दो महीने के भीतर की घोषणा की.कमजोर और भ्रष्ट लोगों को भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों के प्रमुखों के रूप में नियुक्त कर रहे हैं. नेताओं बिल्कुल कोई अध्यक्ष के चयन और लोकपाल और लोकायुक्त के सदस्यों में कहना होगा. चयन किसी पारदर्शी और सार्वजनिक भागीदारी प्रक्रिया के माध्यम से जगह ले जाएगा.नागरिकों सरकारी कार्यालयों में उत्पीड़न का सामना. कभी कभी वे रिश्वत देने को मजबूर हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी को ही शिकायत कर सकते हैं. कोई कार्रवाई नहीं की शिकायतों पर ले लिया है क्योंकि वरिष्ठ अधिकारियों को भी अपने कटौती हो. लोकपाल और लोकायुक्त सार्वजनिक समयबद्ध तरीके से हल शिकायतों मिलता है, देरी के प्रति दिन 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा करने के लिए दोषी अधिकारी और पुरस्कार के वेतन से कटौती की है कि राशि पीड़ित नागरिक को मुआवजे के रूप में.कानून में कुछ भी बीमार हो गया धन वसूली के लिए. एक भ्रष्ट व्यक्ति जेल से बाहर आते हैं और उस पैसे का आनंद सकता है. नुकसान भ्रष्टाचार के कारण सरकार ने सभी आरोपियों से बरामद किया जाएगा कारण होता है.भ्रष्टाचार के लिए सजा भ्रष्टाचार के लिए लघु सजा कम से कम 6 महीने और अधिकतम 7 साल है. बढ़ाया सजा - सजा कम से कम 5 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की होगी

रविवार, 10 अप्रैल 2011

राजस्थान के गुमनाम नायकों को सलाम

news today
राजस्थान के गुमनाम नायकों को सलाम 
यह मायने नहीं रखता कि आप कौन हैं या कहां से हैं? ऑफिसर्स च्वाइस इसे सच साबित करता है। ऑफिसर्स च्वाइस और न्यूज टुडे एकजुट हुआ जिसमें 'ऑफिसर्स च्वाइस न्यूज टुडे सलाम राजस्थान' के माध्यम से आम आदमी की उपलब्धियों और समाज के प्रति उनकी वचनबद्धता को सेलिब्ा्रेट किया गया। ऑफिसर्स च्वाइस द्वारा परिकल्पित और न्यूज टुडे-पत्रिका समूह का एक अग्रणी दैनिक, द्वारा समर्थित, इस पहल के तहत चार मुख्य श्रेणियों- शिक्षा, चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवा, खेल तथा बहादुरी में लोगों को सम्मानित व पुरस्कृत किया गया।

विजेताओं का फैसला निर्णायकों के एक सम्मानित पैनल द्वारा किया गया। सम्मान समारोह का आयोजन जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में किया गया। इस अवसर पर रोमांचक प्रस्तुतियां तथा सांस्कृतिक संगीत का आयोजन किया गया।

एलाइड ब्लेंडर्स और डिस्टिलर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रूपक चतुर्वेदी ने बताया कि 'एक ऎसे आयोजन का हिस्सा होना सौभाग्य की बात है, जो उन शांत व गुमनाम नायकों को प्रतिष्ठा दिलाता है, जो पूरे मनोयोग से हर तरीके से समाज में योगदान देते हैं। यह पहल, ब्ा्रांड की नई पोजिशनिंग 'जगाइए अपने अंदर का ऑफिसर' के अनुरू प है और इस अंत:-दृष्टि से उद्भूत है कि हमारे उपभोक्ता सम्मान व प्रशंसा की कामना करते हैं तथा उस समाज में प्रतिष्ठा भी पाना चाहते हैं जिसमें वो रहते हैं। उनका मानना है कि केवल कर्म के द्वारा ही वो इसे हासिल कर सकते हैं। हमारा कत्तüव्य यह सुनिश्चत करना था कि हमने लक्षित उपभोक्ताओं की इन छिपी प्रेरणाओं व इच्छाओं को पूरा किया। 

हमारा ब्ा्रांड, विश्वसनीयता, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा जैसे मूल्यों का प्रतीक है और यह उसे बताने का सही तरीका है।' चतुर्वेदी ने कहा कि, 'हम, ऎसी पहल के जरिए अपने जिम्मेवार कॉरपोरेट होने की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं। यह परिकल्पना आम आदमी की उपलब्धियों को चिह्नित व सम्मानित करने का एक प्रयास है। ऑफिसर्स च्वाइस का मानना है कि यह इन गुमनाम नायकों का सम्मान है, जो हमारे समाज के अन्य लोगों को आम लोगों के व्यापक हित में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

ऑफिसर्स च्वाइस के विषय में
ऑफिसर्स च्वाइस पैकेज्ड डिं्रकिंग वॉटर देश का तेजी से बढ़ता हुआ सम्मानित ब्ा्रांड है। इसने विगत तीन वर्षो में 31 प्रतिशत से अघिक का सीएजीआर दर्ज कराया है। ऑफिसर्स च्वाइस, आज चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, असम, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश राज्यों में निर्विवाद रू प से बाजार में अग्रणी है।

न्यूज टुडे 
के विषय में
न्यूज टुडे जयपुर, 31 दिसम्बर 2005 को अस्तित्व में आया, जबकि इंदौर संस्करण 14 जून 2006 को लांच किया गया। मैसर्स राजस्थान पत्रिका प्राइवेट लिमिटेड- राजस्थान के सबसे बड़े मीडिया घराने का उद्यम, न्यूज टुडे ने सांध्य दैनिक की सम्पूर्ण परिकल्पना से क्रांति पैदा कर बाजार पर जबर्दस्त पकड़ बनाई है।

मंगलवार, 5 अप्रैल 2011

क्या शादियां तोड़ रहा है फेसबुक!?

क्या शादियां तोड़ रहा है फेसबुक!?

आजकल हर वो व्यक्ति जो इन्टरनेट को मनोरंजन का साधन समझाता है और उसे अपने जिंदगी का अभिन हिसा मन रखा हैं | है ये बात उन लोगो पे सटीक बताती है की 
क्या शादियां तोड़ रहा है फेसबुक!? इस २१सवि सदी में बहुत कुछ बदल चूका है आज इस युग में इन्टरनेट के बिना हर कम अधुरा समझा जाता है  पर शायद ही किसी ने सोचा होगा की इस का बुरा असर भी  पड़ सकता है |
यदि आपको लगता है कि सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक फ्रैंड्स और फैमिली के साथ संपर्क में रहने के लिए बेहद अच्छा जरिया है तो आप गलत हैं। यह जानकर आश्चर्य होगा कि फेसबुक तलाक के मामलों को महामारी की तरह फैला रहा है।
सोशल नेटवर्किग साइट पर चल रही इश्कबाजी शादियां टूटने का प्रमुख कारण बन रहा है। इससे शादी टूटने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। वकीलों ने दावा किया है कि पिछले एक साल में उनके पास तलाक के जितने मामले आए हैं, हर केस में फेसबुक की वेबसाइट शामिल है। यह बड़ी समस्या बनकर उभरा है। एक विशेषज्ञ ने कहा कि उन्होंने बीते नौ महीनों में 30 मामले हैंडल किए हैं और सभी में फेसबुक का पेंच कहीं न कहीं शामिल है।

एक अन्य ऑनलाइन लॉ कंपनी ने कहा कि पिछले साल दाखिल की गई पांच में से एक डिवोर्स याचिका में फेसबुक का जिक्र था। हार्ट स्केल्स एंड हॉजस सॉलिसिटर फैमिली लॉ की हेड एम्मा पटेल ने कहा कि रिश्तों के टूटने में फेसबुक "वर्चुअल थर्ड पार्टी" के रूप में काम कर रहा है।

टेलीग्राफ में छपी रिपोर्ट में एम्मा के हवाले से कहा गया "शादियां टूटने के बढ़ते मामलों के लिए फेसबुक जिम्मेदार है। यह ध्यान देने की बात है कि मई से अभी तक दाखिल की गई अर्जियों में शादी टूटने के कारणों में फेसबुक का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि अपने पार्टनर पर संदेह करने वाले पति-पत्नी इस साइट का इस्तेमाल जासूसी और फ्लर्टिग के सबूत ढूंढने के तौर पर करते हैं। यही सब चीजें ब्रेक-अप के मामलों को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर तलाक के मामले पार्टनर के फेसबुक वाल पर फ्लर्टी मैसेज या फिर आपत्तिजनक चैट देखने के बाद ही आते हैं।


नजरिया २ 
'फेसबुक' को सोशल नेटवर्किंग साइट कहा जाता है। लोगों को एक दूसरे से जोड़ने के कारण इस वेबसाइट की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। लेकिन 'अमेरिकन एकेडमी ऑफ मैट्रीमोनियल लॉयर्स' की ओर से हुए एक नए सर्वे में पाया गया है कि इन दिनों फेसबुक लोगों को तलाक लेने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सेलीब्रिटी भी इससे अछूते नहीं है। हाल ही में अभिनेत्री इवा लांगोरिया ने बास्केट बाल खिलाड़ी अपने पति टोनी पार्कर से तलाक ले लिया। इवा ने टोनी पर 'फेसबुक' पर एक महिला के साथ सम्पर्क रखने का आरोप लगाया था।


सर्वे में तलाक दिलाने वाले करीब 80 फीसदी वकीलों का कहना है कि लोगों ने अपने साथी से अलग होने के लिए सोशल मीडिया पर की गई उनकी बेवफाई को एक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है। यहां तलाक के हर 5 मामलों में से एक मामला 'फेसबुक' से जुड़ा है।


इसमें ज्‍यादातर लोग ऐसे हैं जो फेसबुक के माध्‍यम से बिछुड़ी हुई प्रेमिका से मिल गए हैं। तलाक के सबसे ज्यादा मामले फेसबुक 66 प्रतिशत, माईस्पेस 15 प्रतिशत, ट्विटर 5 प्रतिशत और 14 प्रतिशत अन्य सोशल नेटवर्किंग साइटों से जुड़े हैं।


वेबसाइट 'डाइवोर्स ऑनलाइन' के प्रबंध निदेशक मार्क कीनन का कहना है कि सोशल साइटों पर अनुचित और आपत्तिजनक बातचीत तलाक का मुख्‍य कारण है।

रविवार, 3 अप्रैल 2011

मनुहार




Pariwar Special article
उस रात मैं रेलवे प्लेटफॉर्म पर गाड़ी के आने का इंतजार कर रहा था। गाड़ी एक घंटा लेट थी और समय गुजारने के लिए मैं एक बैंच पर बैठा था। मेरी तरह अनगिनत यात्री गाड़ी के आने का इंतजार कर रहे थे। मैंने ध्यान दिया, बहुत से लोग बैंचों पर बैठे थे। कुछ नीचे दरी-चादर बिछाकर लेटे, कुछेक बैठे थे। कुछ लोग अपने परिचितों, मित्रों के साथ खड़े बतिया रहे थे। कुछ इधर से उधर टहल रहे थे। कुछ लोग चाय-बिस्किट के ठेले के पास खड़े थे और अपनी ठंड दूर कर रहे थे।  दो कुली ठंड से सिकुड़े बैठे बीड़ी पी रहे थे।

मैंने घड़ी की ओर ध्यान दिया, साढ़े दस बज रहे थे। गाड़ी के लिए एक घंटे का समय गुजारना था। ठंडी हवाएं शरीर में तीर की तरह चुभने लगी थीं। मैंने बैग से ऊनी टोपा निकालकर पहन लिया। ठंड की चुभन कुछ कम हुई। लगा, ठंडी हवाओं के चल जाने से ठंडक बढ़ी है। लोगों पर इसका असर दिखाई दे रहा है। वैसे भी पूस-माघ की रातें अघिक ठंडी होती हैं। पर मुझे लगा इस साल कुछ अघिक ठंड है। रेलवे पटरी के उस पार नजर गई। देखा, धुएं की तरह घना कोहरा छाया है। उनके बीच जलते हुए विद्युत बल्ब अंगारों की तरह लगे। दूर एक अलाव से उठती आग की लौ दिखाई दी। ऎसा लगा, कुछ लोग अलाव जलाकर बैठे हैं। मैंने भी बैग में से ऊनी शॉल निकालकर कंधों पर डाल लिया। गाड़ी के लेट होने से घर पहुंचने में देर हो जाएगी, इस विचार से बेचैनी बढ़ गई।
सहसा घंटी सुनकर मेरा ध्यान अपने मोबाइल फोन की ओर गया। 

मंगलवार, 22 मार्च 2011

कैमरे में कैद होली

ये सारा  दर्शय  वृन्दावन और मथुरा  का है | जहाँ पर मुझे श्री कृष्ण और राधे की कृपा से दूसरी बार होली खेलने का शोभागय प्राप्त  हुआ है | 
श्री कुञ्ज बिहारी के दर्शन मात्र से पाप नष्ट हो जाते है |  मेने मेरे जीवन का दूसरी बार अद्भुत दर्शय  देखा | जो श्री हरी कृपा  के बिना संभव नहीं था  बस उनकी वृन्दावन , मथुरा बरसना गोकुल गोवर्धन धाम के कुछ दर्शय  दिखाना चाहता हु  
दिनेश पारीक   
 
दिनेश पारीक   



कैमरे में कैद होली
कैमरे में रंग था 
या रंग में था कैमरा

यह पता करना कठिन था
झर रहे थे रंग हाथों सेया बस रहे थे हाथ रंगों में रंग का त्यौहार था या 
हार में गूँथे हुए थे रंग
देखकर भी जान पानाउस समय मुमकिन नहीं था

कोई हीरामन कहीं अंदर बसा था
कोई हरियल सुआ हाथों पर जमा था
कोई पियरी उड़ रही थी कैमरे मेंकोई हल्दी बस रही थी उँगलियों में

रास्तों पर रंग बिखरे थे हवा मेंहर कहीं उत्सव की धारें आसमाँ में
खुशबुओं के थाल नजरों से गुजरते
और परदे पार चूड़ी काँच की
बजती खनक सी
इक हँसी...
जाती थी दिल के पार- गहरी
उस हँसी से लिपट पियरी
नाचती थी
उस हँसी में डूब हीरामन रटा करता था-
होली...

एक पट्टा कैमरे में और वह पट्टा गले मेंकैमरे में गले से लटका हुआ वह शहर सारा
कैमरे में कैद होली
होलियों में शहर घूमा 
रंग डूबा- कैमरा यों ही आवारा
कैमरे में कैद थी होली कि या फिर
होलियों में कैद था वह कैमरा
कहना कठिन था




---दिनेश पारीक 

यह मिट्टी की चतुराई है,
रूप अलग औ’ रंग अलग,
भाव, विचार, तरंग अलग हैं,
ढाल अलग है ढंग अलग,

आजादी है जिसको चाहो आज उसे वर लो।
होली है तो आज अपरिचित से परिचय कर को!

निकट हुए तो बनो निकटतर
और निकटतम भी जाओ,
रूढ़ि-रीति के और नीति के
शासन से मत घबराओ,

आज नहीं बरजेगा कोई, मनचाही कर लो।
होली है तो आज मित्र को पलकों में धर लो!

प्रेम चिरंतन मूल जगत का,
वैर-घृणा भूलें क्षण की,
भूल-चूक लेनी-देनी में
सदा सफलता जीवन की,

जो हो गया बिराना उसको फिर अपना कर लो।
होली है तो आज शत्रु को बाहों में भर लो!

होली है तो आज अपरिचित से परिचय कर लो,
होली है तो आज मित्र को पलकों में धर लो,
भूल शूल से भरे वर्ष के वैर-विरोधों को,
होली है तो आज शत्रु को बाहों में भर लो!



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शनिवार, 12 मार्च 2011

सोच रहा हैं अरुणा शानबाग का बिस्तर


सोच रहा हैं अरुणा शानबाग का बिस्तर


अरुणा
मर तो तुम उस दिन ही गयी थी
जिस दिन एक दरिन्दे ने
तुम्हारा बलात्कार किया था
और तुम्हारे गले को बाँधा था
एक जंजीर से
जो लोग अपने कुत्ते के गले मे नहीं
उसके पट्टे मे बांधते हैं

उस जंजीर ने रोक दिया
तुम्हारे जीवन को वही
उसी पल मे
कैद कर दिया तुम्हारी साँसों को
जो आज भी चल रही हैं

उस जंजीर ने बाँध दिया तुमको एक बिस्तर से
और आज भी ३७ साल से वो बिस्तर ,
मै
तुम्हारा हम सफ़र बना
देख रहा हूँ तुम्हारी जीजिविषा
और सोच रहा हूँ

क्यूँ जीवन ख़तम हो जाने के बाद भी तुम जिन्दा हो ??

तुम जिन्दा हो क्युकी तुमको
रचना हैं एक इतिहास
सबसे लम्बे समय तक
जीवित लाश बन कर
रहने वाली बलात्कार पीड़िता का
उस पीडिता का जिसको
अपनी पीड़ा का कोई
एहसास भी नहीं होता

हो सकता हैं
कल तुम्हारा नाम गिनीस बुक मे
भी आजाये

क्यूँ चल रही हैं सांसे आज भी तुम्हारी
शायद इस लिये क्युकी
रचना हैं एक इतिहास तुम्हे

जहां अधिकार मिले
लोगो को अपनी पीड़ा से मुक्ति पाने का
उस पीड़ा से जो वो महसूस भी नहीं करते



आज लोग कहते हैं
बेचारी बदकिस्मत लड़की के लिये कुछ करो
भूल जाते हैं वो कि
लड़की से वृद्धा का सफ़र
तुमने अपने बिस्तर के साथ
तय कर लिया हैं
काट लिया कहना कुछ ज्यादा बेहतर होता

कुछ लोग जीते जी इतिहास रच जाते हैं
कुछ लोग मर कर इतिहास बनाते हैं
और कुछ लोग जीते जी मार दिये जाते हैं
फिर इतिहास खुद उनसे बनता हैं



एक बिस्तर कि भी पीड़ा होती हैं
कब ख़तम होगी मेरी पीड़ा
अरुणा का बिस्तर सोच रहा हैं
और कामना कर रहा हैं
फिर किसी बिस्तर को 
बनना पडे
किसी बलात्कार पीड़िता
का हमसफ़र



लेकिन
बदकिस्मत एक बलात्कार पीड़िता नहीं होती हैं
बदकिस्मत हैं वो समाज जहां बलात्कार होता हैं

बड़ा बदकिस्मत हैं
ये भारत का समाज
जो बार बार संस्कार कि दुहाई देकर
असंस्कारी ही बना रहता हैं

शुक्रवार, 11 मार्च 2011

शादी की लड़ाई: बाहर टूटा विवाह के अपराधी को तोड़ने फेर्रेट


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन उर्ध्व प्रवृत्ति में तलाक के 7 साल के लिए विशेष रूप से 2010 की पहली दो तिमाहियों में, जोड़ों की 840,000 से अधिक जोड़े का तलाक राष्ट्रीय पंजीकरण संख्या में, लगभग 5,000 जोड़ों हर दिन तलाक.

तलाक और तलाक के जटिल सामाजिक समस्याओं, कोई संदेह नहीं है, एक कठिन शादी की रक्षा की लड़ाई की एक श्रृंखला के द्वारा लाया की इतनी बड़ी संख्या के साथ रही है आसन्न है इस के लिए शादी की रक्षा की लड़ाई है, इसलिए है कि अंततः प्रेमियों बन जीतने के लिए. आश्रितों, व्यापक चिंता का विषय है इस के लिए शादी की रक्षा, हम शादी तोड़ चाहिए लड़ाई जीतने के लिए नीचे अपराधी टूटा, केवल अपराधी को खोजने के लिए के लिए समस्या का उपाय..अपराधी शादी के टूटने में तो क्या यह शादी के विशिष्ट मामले में हारे के आसपास के कुछ विश्लेषण है?, वास्तव में, के कारणों का पता लगाना है कि वहाँ कई पहलू हैं मुश्किल नहीं:

1.कम गहराई को समझने, फ़्लैश शादी कड़वा भरवां
अब सब कुछ करने के लिए, चला जाता है एक कहावत है कि नहीं दक्षता के बारे में बात लगता है "समय धन है, दक्षता जीवन है" ठीक है इतने सारे लोगों को वास्तव में शादी बम बरसाना पर खेल रहे हैं, पुरुषों और महिलाओं नहीं दिख रहा है कुछ दिन रहने के लिए लाल जोश हो! चक्कर मस्तिष्क, तो लगन, प्यार, में गहराई से समझ और आदान प्रदान भी बदतर, करने के लिए मिठाई विकल्प के बजाय कि उस प्यार और खुशी के लिए भुगतान कर सकते हैं, पैसा नहीं शादी के बाद लंबे समय से परिणाम, या हनीमून खत्म नहीं करता है भी सोचने के लिए,मुसीबत के लिए अपनी पूरी हाथ, रिश्ते टूटने, शादी के एक को समाप्त करने आने के लिए.

2.सहिष्णुता पर्याप्त नहीं, जिम्मेदारी की भावना मजबूत नहीं है
Zhongsuozhouzhi, दो लोग एक साथ आते हैं पति और पत्नी के रूप में संबंधित नहीं है, ठोस, अमर प्रेम Hunyin, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पक्षों ने पहले एक दूसरे को मिलनसार सीखना चाहिए, जो भी सहिष्णुता एक दूसरे की कमजोरियों सहित, एक ही समय दूसरे पक्ष पर है, परिवार, जिम्मेदारी के बच्चे की भावना है, ताकि जोड़ों धीरे चला सकते हैं अप वास्तव में मैच के लिए.और अब कई युवा लोगों को बुनियादी तौर पर केवल एक ही बच्चे हैं, यह ठीक इस क्षेत्र में गुणवत्ता का अभाव है, ठेठ सुविधा दंभ है, दूसरों को सिर्फ मुझे जाने, और मैं दूसरों को, मनोवैज्ञानिक के इस तरह के, न केवल जीवन के आराम नहीं करना चाहते के पहलुओं सन्निहित युगल विवाहित जीवन में प्रचुर मात्रा में हर जगह देखा जा सकता है,दो शब्दों की भावनाएँ हल्के और तीन वाक्यों को नहीं करता है एक आम भाषा, सहनशीलता की कमी, सहिष्णुता के बारे में अधिक बात करते हैं, जो वैवाहिक जीवन टूटने में एक घातक कारक करने के लिए अग्रणी है नहीं नहीं कर रहे हैं.

3.शादी के बाद व्यस्त कैरियर, कम प्रशिक्षण प्यार
कई युवा लोगों को हमेशा सोचा है कि शादी के बाद एक सौदा किया है, काम का दबाव, सामाजिक सर्कल चौड़ा, व्यस्त सारा दिन मनोरंजन सेवाओं के साथ युग्मित, भले ही घर में एक निस्तेज, या शराब का राज्य है धुआं आकाश काला, और नव स्थापित शादी के लिए रखरखाव, जानबूझकर या अनजाने में बाहर अन्य संदेह, बाएँ की भावनाओं के रूप में उपेक्षा, शादी उन्मुख संस्कृति की परवाह नहीं की की कमी के बीच गलतफहमी और समय के साथ स्वाभाविक रूप से होती है, शादी अनिवार्य रूप से संकट और दरारें को बढ़ावा मिलेगा.लिटिल वे जानते हैं भावनाओं को विकसित करने और विशेष आवश्यकता समेकित जारी रखने के लिए शादी में, विशेष रूप से, यह पूरी तरह पहला प्यार, पहला प्यार से अलग है, कई वास्तविक, झूठे, प्रत्येक तत्व है, पुरुषों और महिलाओं के बीच शादी को कवर नहीं कर रहे हैं वास्तविक जीवन है, यह एक दूसरे के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं पूरी तरह से संपूर्ण सत्य बिखर, तब भी जब आप एक दूसरे की कमियों को नहीं देख सकता है प्यार में हैं,तो, शादी के पांच साल के भीतर, शादी एक ही बीज बोने की तरह है, ध्यान से संरक्षित किया जाना चाहिए, पूरी तरह खिलने में धीरे - धीरे उज्ज्वल फूल करने के लिए इतनी के रूप में.

4.मज़ा बिना जीवन, नवीनता बदौलत परिवार
एक दूसरे को आकर्षित करने के लिए, जोड़ों के लिए उनकी पोशाक, शादी की सजावट जब नया घर बहुत खूबसूरत फैशन भी है पर ध्यान केंद्रित करने लगे हैं, लेकिन ठंडा शादी की गर्मी के साथ, कई जोड़ों को न केवल आसान जीवन के लिए जुनून शांत करने के लिए, और परिवार के वातावरण भी बहुत आसान है पर गिर लोकप्रिय, बहुत प्रभावशाली है कि सुश्री गायब हो गया था, और सुंदर लड़कों ठाठ चले गए हैं, या घर की सजावट, जब शादी भी समय कटाव और दृश्य थकान की वजह से बेरंग बिल्कुल रोमांटिक हो जाता है,समय बीतने के, जीवन और नए विचारों के रंग काफी शांत करने के लिए जमा उबाऊ और पुराने ढंग का, कठोर, और बेस्वाद हैं, भावनात्मक संकट में जिसके परिणामस्वरूप.

खुला अपराधी आसानी वैवाहिक संकट को जन्म, विवाह की रक्षा सही पर्चे होने के पहले दोनों एक दूसरे से बहुत, में से एक में गहराई को समझने के माध्यम से पुरुषों और महिलाओं के साथ सभी संपर्क के लिए किसी भी स्टाइलिश फ्लैश शादी मार्ग के लिए किसी भी समय लेने के लिए नहीं की कोशिश करो;. एक ही समय अपने ही साक्षरता का विकास और एक दूसरे को समायोजित करने के लिए शादी की जिम्मेदारी स्थापित करने के लिए कि शादी समझना अधिक समावेशी और जिम्मेदारियों है;शादी के बाद विशेष रूप से, दोनों पार्टियों के लिए भावनाओं का विकास जारी रखने के लिए, भावनाओं का कारण सही नहीं है, दोनों के प्यार और शादी के फूल पानी पत्नियों, लेकिन यह भी, हमेशा की तरह, पूर्व वैवाहिक प्यार के रूप में एक ही समय.

न केवल उपकरण के जीवन और अधिक ध्यान अपने कपड़ों पर होने के लिए, और घर की सजावट के अपरिवर्तनीय नहीं हैं, दृश्य थकान से बचने के लिए है, लेकिन रंगीन होना चाहिए, हर गुजरते दिन के साथ, इस शादी को एक अप्रत्याशित रोमांटिक और अतिरिक्त उपहार ले जाएगा, और यह है कि हाल ही में कई दोस्त बाड़ लाइन में भाग लेने के लिए ब्राउज़ Dulux सजावट डायरी गतिविधियों उनके अद्वितीय फैशन रंगीन घर सुधार से प्रेरणा इन डायरियों प्राप्त देखने के लिए मुश्किल नहीं हैउनके विवाहित जीवन भरा हुआ है, एक रोमांटिक है, है रंग की प्यार से भरा है, और वे मानते हैं कि सुख एक आश्चर्य से बना है, वे इस घटना में भाग लेने के आशा है एक, के लिए एक अप्रत्याशित रोमांटिक सबा जीत है जोड़े या तो के रूप में अन्य पुरस्कार, एक आश्चर्य की एक और खुश शादी जोड़ने के लिए,गृह सुधार उनकी डायरी, साथ ही उनके रोमांटिक शादी देखा वास्तव में सभी लोग ईर्ष्या करेंगे.

संक्षेप में, शादी के लिए समझ है, अधिक सहनशीलता, जिम्मेदारी, प्रशिक्षण और देखभाल की जरूरत की जरूरत है.

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